अनन्तश्रेढी · अध्याय-सार

From माधव की स्फुटचन्द्राप्ति — सत्य चन्द्र और अनन्त श्रेढ़ी, taught by Acharya T Krishnatrey. This lesson is free to read.

<pre data-block="statement">इस अध्याय में | माधव की महानतम उपलब्धि। न्यूटन और लाइब्नित्स से बहुत पूर्व उन्होंने पाया कि π और ज्या को **अनन्त श्रेढ़ियों** के रूप में व्यक्त किया जा सकता है — ऐसे योग जो कभी समाप्त नहीं होते किन्तु सत्य मान के निकट पहुँचते जाते हैं। यहाँ हम चार ऐसे नियम पढ़ते हैं, साथ ही श्रेढ़ी को शीघ्र रोकने के लिए उनका प्रतिभाशाली "अन्त्य-संस्कार", और π का ग्यारह दशमलव स्थानों तक सही मान। ईमानदार सन्दर्भ स्मरण रखें : इन पर माधव की अपनी पुस्तकें लुप्त हैं; नीचे का प्रत्येक श्लोक किसी बाद के केरल ग्रन्थ में उद्धृत है और वहीं उन्हें श्रेय दिया गया है।</pre>


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