भागवत — वेद-वृक्ष का पका फल
From श्रीमद्भागवत महापुराण, taught by Acharya T Krishnatrey. This lesson is free to read.
**श्रीमद्भागवत महापुराण** अठारह पुराणों का शिरोमणि है — बारह **स्कन्धों** में 18,000 श्लोक, परम्परया **व्यास** द्वारा रचित और उनके पुत्र **शुकदेव** द्वारा मृत्यु-मुख राजा **परीक्षित** को उनके अन्तिम सात दिनों में सुनाया गया। यह **भक्ति** का महान ग्रन्थ है — परम धर्म की परिभाषा से आरम्भ होकर, सृष्टि और महान भक्तों होते हुए, **श्रीकृष्ण** की प्रिय लीला और भगवत्प्रेम द्वारा मुक्ति तक जाता है। <pre data-block="quote">"हे रसिकजनो, बारम्बार पान करो भागवत का — वेदों के कल्पवृक्ष का पका फल, शुकदेव के मुख से गिरा, अमृत-रस से युक्त।" — भागवत पुराण 1.1.3</pre>