प्रथमः स्कन्धः · अध्याय-सार

From श्रीमद्भागवत महापुराण, taught by Acharya T Krishnatrey. This lesson is free to read.

<pre data-block="statement">इस स्कन्ध में | प्रथम स्कन्ध सम्पूर्ण ग्रन्थ को गति देता है : नैमिषारण्य के ऋषि सूत से प्रश्न करते हैं, कृष्ण का प्रयाण और कलि का आगमन, और परीक्षित का शाप। सर्वोपरि यह भागवत का घोषणापत्र कहता है — कि परम धर्म भगवान के प्रति अहैतुकी भक्ति है (1.2.6) — और उसका प्रसिद्ध कथन कि एक ही सत्य तीन नामों से जाना जाता है (1.2.11)। हम इसके चार आधारभूत श्लोक पढ़ते हैं।</pre>


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