द्वादशः स्कन्धः · अध्याय-सार

From श्रीमद्भागवत महापुराण, taught by Acharya T Krishnatrey. This lesson is free to read.

<pre data-block="statement">इस स्कन्ध में | द्वादश स्कन्ध कलियुग और उसमें धर्म के क्रमिक ह्रास की भविष्यवाणी करता है (12.2.1), और पाठक को उसके "एक महान गुण" से सान्त्वना देता है : कि कलि में मुक्ति केवल भगवान के नाम-कीर्तन से मिलती है (12.3.51–52)। यह परीक्षित की मृत्यु और मुक्ति अभिलिखित करता है, और भागवत की अपनी महिमा (12.13.18) — सम्पूर्ण कथन के फल — पर समाप्त होता है।</pre>


Continue this course →