छान्दोग्य उपनिषद् — सामवेद का महागान

From छान्दोग्य उपनिषद्, taught by Acharya T Krishnatrey. This lesson is free to read.

**छान्दोग्य उपनिषद्** प्रमुख उपनिषदों में सबसे प्राचीन, विशाल और प्रभावशाली में से एक है — **सामवेद**, गान (छन्दस्) के वेद, से सम्बद्ध। अपने **आठ अध्यायों** में यह पवित्र अक्षर **ॐ** के उद्गीथ-रूप में ध्यान से आरम्भ होकर, महान उपदेश-संवादों होते हुए, स्वयं वेदान्त के शिखर तक जाता है : उद्दालक का अपने पुत्र श्वेतकेतु को उपदेश — **"तत्त्वमसि — वह तू है।"** इसके वाक्य समस्त भारतीय दर्शन में सर्वाधिक उद्धृत हैं। <pre data-block="quote">"यह सब वस्तुतः ब्रह्म है।" — छान्दोग्य उपनिषद् 3.14.1 (शाण्डिल्य का उपदेश)</pre>


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