सुश्रुत संहिता — शल्यचिकित्सा का उद्गम
From सुश्रुत संहिता, taught by Acharya T Krishnatrey. This lesson is free to read.
**सुश्रुत संहिता** विश्व का **शल्यचिकित्सा (शल्य-तन्त्र)** का आधारभूत ग्रन्थ है। दिव्य वैद्य **धन्वन्तरि** द्वारा प्राचीन **काशी** में अपने शिष्य **सुश्रुत** को सिखाया गया, यह एक आश्चर्यजनक शल्य-विज्ञान का अभिलेख है — सौ से अधिक उपकरण, दर्जनों शल्यक्रियाएँ, मोतियाबिन्द का शलाका-कर्म, नाक का प्लास्टिक पुनर्निर्माण, शव-विच्छेदन और एक मानवीय प्रशिक्षण-संहिता। इसीलिए सुश्रुत विश्वभर में **शल्यचिकित्सा के जनक** के रूप में सम्मानित हैं। <pre data-block="quote">"जो केवल शल्य या केवल औषधि जानता है, वह एक पंख वाले पक्षी के समान है।" — सुश्रुत संहिता का मर्म, चिकित्सक की कला की सम्पूर्णता पर</pre>