निदानस्थान · शल्य-रोग का निदान

From सुश्रुत संहिता, taught by Acharya T Krishnatrey. This lesson is free to read.

<pre data-block="objectives">निदान समझें — निदान का विज्ञान, सुश्रुत की द्वितीय पुस्तक निदान की शास्त्रीय पाँच-गुना विधि (पञ्च-निदान) सीखें</pre> <pre data-block="statement">शस्त्र से पूर्व रोग को जानना | निदानस्थान — सुश्रुत की छह पुस्तकों में दूसरी — निदान का विज्ञान है। यह प्रमुख शल्य-रोगों (अश्मरी / मूत्राश्मरी, अर्श / बवासीर, भगन्दर / फिस्टुला, व्रण / व्रण, विद्रधि / फोड़ा, भग्न / अस्थिभंग, आदि) के कारण, लक्षण और क्रम बताता है। शल्यचिकित्सक को कर्म से पूर्व ठीक-ठीक जानना चाहिए कि वह किसका उपचार कर रहा है।</pre>


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