सामवेद की उपनिषदें · अध्याय-सार

From सामवेद — वह वेद जो गाया जाता है, taught by Acharya T Krishnatrey. This lesson is free to read.

<pre data-block="statement"> 🕉️ प्रमुख उपनिषदों में से दो सामवेद की हैं, और वे महानतम में से हैं। छान्दोग्य उपनिषद् कौथुम-राणायनीय धारा की है — इसी पाठ्यक्रम की शाखा। उसका नाम छन्दोग से आता है, "छन्दों का गायक", सामवेदीय गायक। वह किसी ब्राह्मण से बाहर से जोड़ी नहीं गई : वह स्वयं छान्दोग्य ब्राह्मण के तीसरे से दसवें प्रपाठक हैं, जिसके प्रथम दो प्रपाठक गृह्य कर्मों का मन्त्र ब्राह्मण हैं। अतः छान्दोग्य उपनिषद् का पहला अध्याय ब्राह्मण का तीसरा प्रपाठक है, और इसी क्रम में अन्त तक। केन उपनिषद् जैमिनीय धारा की है और जैमिनीयोपनिषद् ब्राह्मण के भीतर बैठती है — इसीलिए वह तलवकार उपनिषद् नाम भी धारण करती है। और देखिए छान्दोग्य कहाँ से आरम्भ होती है। किसी सिद्धान्त से नहीं, किसी सृष्टि-कथा से नहीं, अपितु उस अक्षर से जो प्रत्येक साम के शीर्ष पर गाया जाता है : ॐ, उद्गीथ। जो वेद गाता है वह अपने ही संगीत के मार्ग से दर्शन तक पहुँचता है। </pre>


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