सूत्रस्थान · स्वास्थ्य की परिभाषा (15.41)
From सुश्रुत संहिता, taught by Acharya T Krishnatrey. This lesson is free to read.
<pre data-block="objectives">भारतीय चिकित्सा में स्वास्थ्य की सर्वाधिक प्रसिद्ध परिभाषा पढ़ें स्वास्थ्य को शरीर, पाचन, धातु और मन — सभी के सन्तुलन के रूप में समझें</pre> <pre data-block="verse">समदोषः समाग्निश्च समधातुमलक्रियः । प्रसन्नात्मेन्द्रियमनाः स्वस्थ इत्यभिधीयते ॥ सू. १५.४१ ॥</pre> > **अनुवाद:** "जिसके दोष सम हैं, जिसकी अग्नि (जठराग्नि) सम है, जिसकी धातुएँ और मल-क्रियाएँ सन्तुलित रूप से > कार्य करती हैं, और जिसकी आत्मा, इन्द्रियाँ एवं मन प्रसन्न हैं — वह व्यक्ति स्वस्थ कहलाता है।" > *(सुश्रुत सूत्रस्थान 15.41)*