सातों काण्ड एक दृष्टि में
From कृष्ण यजुर्वेद — तैत्तिरीय संहिता, taught by Acharya T Krishnatrey. This lesson is free to read.
<pre data-block="timeline"> काण्ड १ :: वेद के प्रथम शब्द (इषे त्वा); नित्य कर्म; रुद्र एक ही है; त्र्यम्बक काण्ड २ :: कामना की आहुतियाँ; हिरण्यपाणि सविता; गणपति; सूर्य सबका आत्मा काण्ड ३ :: सुधार और प्रायश्चित्त; मधु-व्रत; ऋण से मुक्ति; गृह-आशीर्वाद काण्ड ४ :: अग्नि-वेदी का आरम्भ; श्री रुद्रम् और चमकम्; नमः शिवाय काण्ड ५ :: इष्टका-दर-इष्टका वेदी का निर्माण; संवत्सर एक भवन के रूप में; "अग्नि अग्नि को चुनता है" काण्ड ६ :: सोमयाग की व्याख्या; लघु सूत्र; "हे ओषधे, रक्षा कर" काण्ड ७ :: संवत्सर-सत्र; समस्त देश और काल अर्पित; ब्रह्मोद्य की पहेली </pre>